हैरानी की बात हैआप घृणा के बीज बोयेंऔर प्रेम की फसल काटना चाहें।आप सब को गालियां देंऔर सारे आकाश से आपके ऊपर शुभाशीष बरसने लगे।यह असंभव है।जीवन का सूत्र है कि जो आप देते हैं,वही वापस लौटकर आता है।चारों ओर से आपकी ही फेंकी गई ध्वनियां प्रतिध्वनित होकर आपको मिलती हैं।आप जो भी बो रहे हैं ,उसकी फसल आपको काटनी है।इंच -इंच का हिसाब है कुछ भी बेहिसाब नहीं है। !...यदि आपको हर चीज़ सकारात्मक तरीके से लेने की आदत है तो आप ज़िन्दगी के हर पल का आनंद उठाएंगे फिर चाहे वो सुख हो या कष्ट...!
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